poets
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चंद नग्मे हुस्न वालो की नज़र

चाँद भी अधूरा है तेरे बिना जख्म है गहरे और न आये मुझे उन्हें सीना उसके जख्मो के बिन जिंदगी क्या जीना अगर लफ्ज़ो में…

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ishq ka muqadma Shayari
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हमारी उल्फ़त का यूँ न लो इम्तिहान की दुनिया हँसे हम पे

  इश्क़ का मुक़दमा हमने किया है दाखिल इश्क़ का मुक़दमा तेरे हुस्न के दरबार में अब हर रोज़ आते है यह फ़रियाद लिए की…

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