Koi Din Gar Zindagani Aur Hai
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कोई दिन गर ज़िंदगानी और है (ग़ज़ल) – मिर्ज़ा ग़ालिब

कोई दिन गर ज़िंदगानी और है  – मिर्ज़ा ग़ालिब  कोई दिन गर ज़िंदगानी और है  अपने जी में हमने ठानी और है . आतिश -ऐ -दोज़ख…

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गज़ब किया जो तेरे वादे पे एतबार किया – Mir Dagh Dhelvi

तेरे वादे पे एतबार किया गज़ब किया जो तेरे वादे पे एतबार किया तमाम रात हमने क़यामत का इंतज़ार किया न पूछ दिल की हक़ीक़त…

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आलम इक़बाल
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अगर न बदलू तेरी खातिर हर एक चीज़ तो कहना – आलम इक़बाल की शायरी

  अगर न बदलू तेरी खातिर हर एक चीज़ तो कहना मुहब्बत की तमना है तो फिर वो वस्फ पैदा कर जहां से इश्क़ चलता…

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Wasi Shah Shayari
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Wasi Shah Shayari – Ankhon Se Meri is Liye Lali Nahi Jati

आँखों से मेरी इस लिए लाली नहीं जाती आँखों से मेरी इस लिए लाली नहीं जाती यादों से कोई रात जो खाली नहीं जाती अब…

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परवीन शाकिर
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काश ! के वो मेरा होता , मेरे नाम की तरहँ – परवीन शाकिर

  मेरे नाम की तरहँ  यह मेरी ज़ात की सब से बड़ी तमन्ना थी , काश ! के वो मेरा होता , मेरे नाम की…

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चले भी आओ दुनिया से जा रहा है कोई – फ़राज़ की शायरी

  चले भी आओ दुनिया से जा रहा है कोई – फ़राज़  ग़म -ऐ- हयात का झगड़ा मिटा रहा है कोई चले भी आओ दुनिया…

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bada be-adab hoon
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हर एक सांस पर शक है के आखरी होगी – अल्लम इक़बाल शायरी

  बड़ा बे-अदब हूँ तेरे इश्क़ की इन्तहा चाहता हूँ मेरी सादगी देख क्या चाहता हूँ भरी बज़्म में राज़ की बात कह दी बड़ा…

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किसी के इश्क़ के हम-ओ-ख्याल थे हम भी कभी – अल्लामा इक़बाल

किसी के इश्क़ के किसी के इश्क़ के हम-ओ-ख्याल थे हम भी कभी गुजरे ज़माने में बहुत बा-कमाल थे हम भी कभी   Kisi ke…

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मुनीर नियाज़ी
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Best Ever Shayari Colletion of Munir Niazi – मुनीर नियाज़ी शायरी मजमूआ

मुनीर नियाज़ी शायरी मजमूआ   उसके जाने का रंज मेरी सदा हवा में बहुत दूर तक गयी पर मैं बुला रहा था जिसे , वो…

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Shiv Kumar Batalvi – नग्मे और शायरी

प्यार तेरे शहर दा रोग बन के रह गया है प्यार तेरे शहर दा मैं मसीहा वेख्या बीमार तेरे शहर दा इसकी गलियां मेरी चढ़दी…

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