तेरे बदलने के बावसफ भी तुझ को चाहा है – परवीन शाकिर

Parveen Shakir

 

यह एतराफ़ भी

तेरे बदलने के बावसफ भी तुझ को चाहा है
यह एतराफ़ भी शामिल मेरे गुनाहों में है …

हिंदी और उर्दू शायरी – परवीन शाकिर की शायरी – तेरे बदलने के बावसफ भी तुझ को चाहा है

 

Yeh Eytraaf bhi

Tere badalney k bawasf b tujh ko chaha hai
Yeh eytraaf bhi shamil mere gunnah mein hai…

Hindi and urdu shayari – Parveen Shakir ki Shayari – Tere badalney k bawasf b tujh ko chaha hai

तो हर बंदा खुदा होता

ज़रुरत तोड़ देती है ग़रूर-ओ-बेनीआजी को
न होती कोई मजबूरी तो हर बंदा खुदा होता .

हिंदी और उर्दू शायरी – परवीन शाकिर की शायरीज़रुरत तोड़ देती है ग़रूर-ओ-बेनीआजी को

 

To har banda khuda hota

zaroorat tod daiti hai gharoor-o-beniazi ko
na hoti koi majboori to har banda khuda hota.

Hindi and urdu shayari – Parveen Shakir ki Shayari – to har banda khuda hota

नया दर्द एक दिल में जगा कर चला गया

नया दर्द एक दिल में जगा कर चला गया
कल फिर वो मेरे शहर में आ कर चला गया

जिसे ढूंढती रही मैं लोगो की भीड़ में
मुझ से वो अपना आप छुपा कर चला गया

में उसकी खामोशी का सबब पूछती रही
वो किस्से इधर उधर के सुना कर चला गया

यह सोचती हूँ कैसे भूलूंगी अब उसे
एक शख्स वो जो मुझ को भुला कर चला गया

हिंदी और उर्दू शायरी – परवीन शाकिर की शायरीनया दर्द एक दिल में जगा कर चला गया

 

Naya dard ek dil mein jaga kar chala gya

Naya dard ek dil mein jaga kar chala gya
Kal phir wo mere sheher mein aa kar chala gya

jisay dhondti rahi main logo ke bheed mein
Mujh se wo apna aap chupa kar chala gya

Mein uski khamooshi ka sbab pochti rahi
Wo qisy idher udher ke suna kar chala gya

Yeh sochti hun kaisy bhuloongi ab usy
Aik shaks wo jo mujh ko bhula kar chala gya

Hindi and urdu shayari – Parveen Shakir ki Shayari – Naya dard ek dil mein jaga kar chala gya

 

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