चंद नग्मे हुस्न वालो की नज़र

poets

चाँद भी अधूरा है तेरे बिना

जख्म है गहरे और न आये मुझे उन्हें सीना
उसके जख्मो के बिन जिंदगी क्या जीना
अगर लफ्ज़ो में तेरी तारीफ करू तो
तेरे हुस्न की बेअदबी होगी
बस तू यह जान ले
चाँद भी अधूरा है तेरे बिना

Shayari – Husan and Ishq , hindi and urdu Shayari

बेगाने भी चले आते है

हुस्न वालों के पीछे दीवाने चले आते है
शमा के पीछे परवाने चले आते है
तुम भी चली आना मेरे जनाजे के पीछे
उसमे अपने तो क्या बेगाने भी चले आते है

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