तुम्हारे लब मेरी खातिर अगर हिलते तो अच्छा था

aarazu

 

 

तुम्हीं मिलते तो अच्छा था

 

जहां फूलों को खिलना था वहीं खिलते तो अच्छा था
तुम्हीं को हम ने चाहा था तुम्हीं मिलते तो अच्छा था

कोई आकर हमें पूछे तुम्हें कैसे भुलाया है
तुम्हारे खत को अश्कों से शब -ऐ -गम में जलाया है
हज़ारों ज़ख्म ऐसे हैं अगर सिलते तो अच्छा था

तुम्हें जितना भुलाया है तुम्हारी याद आई है
बहार -ऐ -नौ जो आई है वो ही खुश्बू लाई है
तुम्हारे लब मेरी खातिर अगर हिलते तो अच्छा था

मिला है लुत्फ़ भी हम को हसीं यादों की झिलमिल में
कटती है ज़िंदगी तुम बिन मगर इतनी सी है दिल में
अगर तुम आते तो अच्छा था अगर मिलते तो अच्छा था

हिंदी और उर्दू शायरी – ज़िंदगी शायरी (ISaadullah Shah) – तुम्हीं को हम ने चाहा था

 

Tumhin milte to achchhaa tha

 

Jahaan phuulon ko khilanaa thaa vahin khilate to achchhaa thaa
tumhin ko ham ne chaahaa thaa tumhin milate to achchhaa thaa

koi aakar hamein puuchhe tumhein kaise bhulaayaa hai
tumhaare khat ko ashkon se shab-e-gam mein jalaayaa hai
hazaaron zakhm aise hain agar silate to achchhaa thaa

tumhein jitanaa bhulaayaa hai tumharii yaad aai hai
bahaar-e-nau jo aai hai vo hii khushbuu laai hai
tumhare lab meri khaatir agar hilate to achchhaa thaa

milaa hai lutf bhii ham ko hasin yaadon ki jhilmil mein
katati hai zindagi tum bin magar itani si hai dil mein
agar tum aate to achchhaa thaa agar milate to achchhaa tha

urdu and hindi shayari , zindagi shayari (ISaadullah Shah) – Tumhin milte to achchhaa tha

जान -ऐ -आरज़ू

 

मैं आरज़ू -ऐ -जान लिखूँ या जान -ऐ -आरज़ू
तू ही बतादे नाज़ से इमान -ऐ -आरज़ू

इमान -ओ -जान निसार तेरी इक निगाह पर
तू जान -ऐ -आरज़ू है तू इमान -ऐ -आरज़ू

इक वो के आरज़ूओं पे जीते हैं उम्र भर
इक हम के हैं अभी से पशेमाँ -ऐ -आरज़ू

आँखों से जू -ऐ -खून है रवां दिल है दाग दाग
देखे कोई बहार -ऐ -गुलिस्तां -ऐ -आरज़ू

हिंदी और उर्दू शायरी – सवाल शायरी (Akhter Shirani)– न सवाल बन कर मिला करो

 

Jaan-ae-aarazu

 

Main aarazuu-ae-jaan likhun yaa jaan-ae-aarazu
tu hi bataade naaz se imaan-ae-aarazu

imaan-o-jaan nisaar teri ik nigaah par
tu jaan-e-aarazu hai tuu iimaan-ae-aarazu

ik vo ke aarazuon pe jiite hain umar bhar
ik ham ke hain abhi se pashemaan-ae-aarazu

aankhon se juu-e-khuun hai ravaan dil hai daag daag
dekhe koi bahaar-e-gulistaan-ae-aarazu

urdu and hindi shayari , jaan-ae-aarazu shayari (Akhter Shirani) – Main aarazuu-ae-jaan

करे जो इश्क़

मुझसे कोई शख्स नादान भी न हो
करे जो इश्क़ कहता है नुकसान भी न हो

हिंदी और उर्दू शायरी – इश्क़ शायरी – करे जो इश्क़

 

Kare Jo IShq

Mujh se koi Shakhs Nadaan bhi na ho
Kare Jo IShq kahta hai Nuqsaan bhi na ho

urdu and hindi shayari , IShq shayari – Kare Jo IShq

 

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