न कर एहद -ऐ -वफ़ा

 

न कर एहद -ऐ -वफ़ा

मोहब्बत से , इनायत से , वफ़ा से , चोट लगती है 
बिखरता फूल हूँ , मुझ को , हवा से , चोट लगती है … !!

मेरी आँखों में , आंसू की तरह , एक रात आ जाओ 
तकल्लुफ से , बनावट से , अदा से , चोट लगती है … !!

मैं शबनम की , जुबान  से , फूल की ,आवाज़ सुनता हूँ 
अजब अहसास है , अपनी सदा से , चोट लगती है … !!!

तुझे खुद , अपनी मजबूरी का , अंदाजा नहीं शायद 
न कर एहद -ऐ -वफ़ा , एहद -ऐ -वफ़ा से , चोट लगती है …

 

उर्दू  और  हिंदी  शायरी , नज़म – न कर एहद -ऐ -वफ़ा , एहद -ऐ -वफ़ा से , चोट लगती है

 

Mohabbat Se, Inaayat Se, Wafa Se, Chot Lagti Hai
Bikhartaa Phool Hun, Mujh Ko, Hawaa Se,Chot Lagti Hai … !

Meri Aankhon Mein, Aansu Ki Tarah, Eik Raat Aa Jaao
Takalluf Se, Banaawat Se, Adaa Se, Chot Lagti Hai … !!

Main Shabnam Ki, Zabaan Se, Phool Ki, Aawaz Sunta Hoon
Ajab Ahsaas Hai, Apni Sadaa Se, Chot Lagti Hai … !!!

Tujhe Khud, Apni Majboori Kaa, Andaaza Nahin Shaayad
Na Kar Ahad-E-Wafa, Ahad-E-Wafa Se, Chot Lagti Hai …

 

Urdu and Hindi Shayari and Nazam (शायरी , नज़म –  एहद -ऐ -वफ़ा ) – Na Kar Ahad-E-Wafa, Ahad-E-Wafa Se, Chot Lagti Hai

 

Originally posted 2017-07-02 23:59:58.

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