Mausam Beghar
Posted in Nature Shayari Public Post

मौसम बेघर होने लगे है – Nature Soreness

Share on Tumblr मौसम बेघर होने लगे है बंजारे लगते है मौसम, मौसम बेघर होने लगे है। जंगल , पेड़ , पहाड़, समंदर, इंसान सब…

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