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दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं – जावेद अख्तर

दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं – जावेद अख्तर   दर्द के फूल  दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं…

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Perveen Shakir Shayari
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जब भी गुज़रे हैं किसी दर्द के बाजार से हम – परवीन शाकिर शायरी

अक्स -ऐ -खुशबू हूँ अक्स -ऐ -खुशबू हूँ बिखरने से न रोके कोई और फिर बिखरु तो मुझ को न समेटे कोई . काँप उठती…

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मेरे दामन में तो काँटों के सिवा कुछ भी नहीं

    मेरे दामन में तो काँटों के सिवा कुछ भी नहीं मेरे दामन में तो काँटों के सिवा कुछ भी नहीं .. आप फूलों…

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dard ki siyahi
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दर्द की स्याही से लिखा है यह पैगाम – उर्दू शायरी

  मुझे होश नहीं कितनी पी कैसे कटी रात मुझे होश नहीं रात के साथ गयी बात मुझे होश नहीं मुझ को यह भी नहीं…

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