नए कवियों की शायरी पढ़िए – Hindi Shayari

 

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इश्क़ छुपे न

बिन बताये रहा न जाये और बताये बने न
इश्क़ वो है जो छुपाए छुपे न और कहा जाये न

HINDI AND URDU SHAYARI – ISHQ – ISHQ WO HAI JO CHUPAYE CHUPE NA – BY- RAVI MINHAS
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आँसूओ का दर्द

इतना तो रुला जाते की आंसू तो छलक जाते
पलकों पर रुके हुए आँसूओ का दर्द अब सहा नहीं जाता
तेरा जाना कबूल  था मुझे पर जाते हुए खैर-सलाम तो दे जाते .

HINDI AND URDU SHAYARI – AANSOO KA DARD – TERA JANA KABUL THA MUJHE – BY- RAVI MINHAS
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मोहब्बत पे तरस आया

बरसो बाद उसे देखा आज तो मोहब्बत पे तरस आया
आज फिर एक बार वो लम्हा लम्हा याद आया
जिनसे थी कभी हमारी रात और दिन
आज हमने उस शख्स को इतनी दूर पाया
गैरों से हुए हम तबियत -ऐ – खैरीयत
वो शख्श आज महफ़िल में अकेला पाया
न कोई रंज न कोई शिकवा था उसे हमे
देखा जैसे आज मोहब्बत को सजा पाया

Urdu and hindi shayari – mohabbat shayari – barso baad use dekha aj to mohabhat pe taras aya
By- Ravi Minhas
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इश्क़ वो दाग है

लोग कहते है की इश्क़ किये बरसो गुजर गए
कोई हमसे पूछे इश्क़ वो दाग है जो जाता नहीं

Urdu and hindi shayari – ishq ka daag shayari – ishq wo daag hai jo jata nahi
By- Ravi Minhas
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हसीं ख्वाब

तेरे नैनो की शोख अदाओं ने हमे लूटा लिया
तेरी झील सी गहरी आँखों ने हमे लूटा लिया
हम तो लूट चुके है इस कदर ऐ हसीं ख्वाब
अब डरता हूँ कहीं कोई लूट न ले मेरे ख्वाब

Urdu and hindi shayari – ankhoo ke husn ki tareef shayari – Hum to loot chuke hai is kadar ae hasin khwaab
By- Ravi Minhas

बरसों तन्हाँ तेरे इश्क़ में

बरसों तन्हाँ तेरे इश्क़ में हर पल का हिसाब रखा है
मांगेंगे हर उस पल का हिसाब जो हिजर में हमने काटा है

Urdu and Hindi Shayari – Barsoon tanhaa Shayari – Barsoon tanhaa tere ishq mein
By- Ravi Minhas

यह रंज -ओ -गम क्यों

न थी ख्वाइश हिजर की न माँगी खुदाई फिर यह रंज क्यों
है इश्क़ बदनाम तो फिर यह तालुक क्यों यह जुस्तजू क्यों
जब इश्क़ नाम है जुदाई है तो यह रंज -ओ -गम क्यों .

Urdu and Hindi Shayari – Yeh ranj-o-gam kyon Shayari – Na thi khwaish hijar ki na mangi khudai
By- Ravi Minhas

इश्क़ का मुक़दमा

हमने किया है दाखिल इश्क़ का मुक़दमा तेरे हुस्न के दरबार में
अब हर रोज़ आते है यह फ़रियाद लिए की कोई आवाज़ तो देगा
हमारी उल्फ़त का यूं न लो इम्तिहान की दुनिया हँसे हम पे
एक दिन तो तुम्हे होना है मेरा यह यक़ीन है मुझे मेरे इश्क़ पर

Urdu and Hindi Shayari – ishq ka muqadma Shayari – Humne kiya hai dakhil ishq ka muqadma

By- Ravi Minhas


कहाँ जाएंगे तेरे शहर से

कहाँ जाएंगे तेरे शहर से गम जदा हो कर
अभी तो जीना बाकी है अभी तो मरना बाकी है

राजदार न रहा कोई किसको  सुनाए हाल -ऐ -दिल अपना
जिसका जीकर हम करते वो रूहे-यार रहा न अपना

अब कश्मकश यह की न बसते  बने न चलते बने
कुछ यूं हुए बेवफा इस शहर के लोग की बस चलते बने .

Urdu and Hindi Shayari – rohe-yaar Shayari – kahan jayinge tere shehar se
By- Ravi Minhas

किस से पूछू कौन बताएगा

किस से पूछू कौन बताएगा यह कौन सी लड़ाई है
एक अँधा युद्ध है एक खामोश गहरी खाई है

हर कोई जुड़ता है हर कोई टूटता है
यह औरों की नहीं यह अपने अंदर की लड़ाई है

गर्द से लिपटे कुछ चेहरे है जो न दिखते है
एक पत्थर हवा में उछाल के जो छुप जाते है

कुछ अनजाने भटके चेहरे मासूम जो अंजान है
मृग -तृष्णा के भंवर में छल्ले जाते है

बिना सोचे बिना समझे एक कारवां को बढ़ाते हो
क्यों तुम इस आँधी दौड़ की भेड़ चाल में खो जाते हो

Urdu and Hindi Shayari – khamoshi Shayari – Kis se puchu kaun batayega
By- Ravi Minhas

यूं हुए मेरे नाम के फतवे जारी


यूं हुए मेरे नाम के फतवे जारी

जैसे मोहबत नहीं कोई गुनाह कर दिया हो मैंने

Hindi and urdu shayari – gunaah Shayari – yoon hue mere naam ke fathve zari
By- Ravi Minhas

तेरा आना मेरी जिंदगी में एक ख्वाब सा लगता है


तेरा आना मेरी जिंदगी में एक ख्वाब सा लगता है

ऐतबार नहीं है मुझे अपनी किस्मत पे एक धोखा सा लगता है

जब भी तुझे करीब पता हूँ एक सकून सा लगता है
फिर न जाने क्यों एक डर सा लगता है

तुझे पाकर जहाँ मुकमल सा लगता है
फिर भी न जाने कहीं एक कोना अधूरा सा लगता है

जमानो चले जिस के साथ हर एक पल का साथ
फिर भी न जाने क्यों यह सफर अधूरा लगता है

रहेंगे तलबगार तेरे सारी उम्र का है
फिर भी न जाने यह वादा अधूरा लगता है

देखे सारे ख्वाब हर ख्वाब को जिया हमने
फिर भी न जाने क्यों एक सपना अधूरा लगता है

कहीं तो कुछ खाली है कहीं तो कुछ अधूरा है
फिर भी न जाने क्यों तेरा साथ मुकमल लगता है

Hindi and urdu shayari – khwab Shayari – Tera aana meri jindagi mein ek khwab sa lagta hai
By- Ravi Minhas

जब भी तेरे रुखसार की तामीर हम करते है


जब भी तेरे रुखसार की तामीर हम करते है

जब भी तेरे रुखसार की तामीर हम करते है
हम उस वक़्त खुदा का शुक्रगुजार करते है
पाया था तुझे इबादत में खुदा की रहमतों से
न कर सके मुकमल उस फ़रियाद को याद करते है

Hindi and urdu shayari – fariyaad Shayari – jab bhi tere rukhsar ki tamir hum karte hai
By- Ravi Minhas

दर -ओ -दीवार


अब कोई नहीं है इस शहर बिरने में

न कोई दर -ओ -दीवार है इस महखाने मैं
हर कोई अजनबी सा मिलता है
बीत गए वो दिन जब गुल थे गुलज़ार
अब तो जीना भी एक सवाल लगता है

Hindi and urdu shayari – dar-o-diwaar Shayari – ab koi nahi hai is shehar birane mein
By- Ravi Minhas

जब भी ख़्याल आता है


कुछ तो था जो आज भी जेहन से गुजरता है

उदास कर जाता है जब भी ख़्याल आता है

Urdu and hindi shayari – kyal shayari – Jab Bhi kyal Ata hai
By- Ravi Minhas

इश्क़ का इम्तिहान


क्यों यह हुस्न वाले इतने मिज़ाज़ -ऐ -गरूर होते है

इश्क़ का लेते है इम्तिहान और खुद तालीम -ऐ -जदीद होते है

Urdu and hindi shayari – Husn – Ishq ka imtihan shayari – Kyon yeah husn wale itne mizaz-ae-groor hote hai
By- Ravi Minhas

एक ग़ैर के पहलु में हमारा प्यार होगा


दिल डूबता है यह सोच कर की फिर न उनका दीदार होगा

जिस दिन वो रुखसत किसी और के साथ होगा
नींद टूट जाती है अक्सर यह सोचकर .
एक ग़ैर के पहलु में हमारा प्यार होगा .

Hindi and urdu shayari – didar Shayari – Ek Ghair Ki pehlu mein hamara yaar hoga
By- Ravi Minhas

हसरत -ऐ -दीदार


वो हसरत -ऐ -दीदार वो मिज़ाज़ -ऐ -खफा

क्यों हो बैचैन जब वो गैर है कोई
वो दिल की बेचनी वो रश्म -ओ -रिवाज
क्यों फिर वो याद आया , जब वो गैर है कोई
जब वो आया तो कोई न था इस बिराने -शहर में
अब महफिले सजती है , जब वो गैर है

urdu and hindi shayari , didar shayari – wo hasrat-ae-deedar wo mizaz-ae-khpaa
By- Ravi Minhas

 

1 thought on “नए कवियों की शायरी पढ़िए – Hindi Shayari

  1. नहीं है ज़माने की खबर तुमको,
    घूँघट डाल के ही निकला करो।

    रूप चुरा ले जाएगा यूँ ही कोई,
    राह में ऐसे सबसे न मिला करो।

    चेहरा तक पे डाका पर जाएगा,
    हर बात में दिल से न खुला करो।

    गैरों को करीबी की जरूरत नहीं,
    खुशी कम पर ज्यादा गिला करो।

    यौवन सब पर तुमसा नहीं आता,
    इसको गुलालों से न मला करो।

    सलिल सरोज

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