वो कातिल नहीं

QATAL SHAYARI

 

सुना है

सुना है आज कल वो परेशान रहती है
उससे कहना बे -फ़िक्र मैं भी नहीं हूँ
सुना है वो गुमसुम रहती है
उससे कहना हाज़िर जहाँ मैं भी नहीं हूँ
सुना है वो रातों को जागा करती है
उससे कहना सोते हम भी नहीं है
सुना है वो चुप चुप के रोती है
उससे कहना हँसता मैं भी नहीं हूँ
सुना है वो मुझे याद बुहत करती है
उससे कहना भूला मैं भी नहीं हूँ

YAAD Shayari , शायरी , Suna hai aaj kal woo preshan rehti hai
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वो कातिल नहीं है

या रब वो कातिल नहीं है
फिर भी लगता है जान ले गया

Katil Shayari , शायरी , wo katil nahi
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निगाहे बोलती हैं

निगाहे बोलती हैं बेतिहाशा
यह मोहब्बत पागलो की गुफ्तुगू है

Nigahein Shayari , शायरी , Nigahein bolti hain be tahasha 
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दिल के टुकड़े

अभी से मिलना छोड़ दिया है जानम
इब्तिदा में ऐसा करोगे तो साथ क्या निभाओगे
दिल के टुकड़े दिल से जुदा नहीं होते
अगर दुनिया बेवफा है तो बेवक़फ़ा नहीं होते
गरीब समझ  कर उठा दिया उसने अपनी महफ़िल से
क्या चाँद की महफ़िल में सितारे नहीं होते

Bewafa Shayari , शायरी , abi se tum milna chor dya hai janam
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मेरे हाथों की लकीरों में

मेरे हाथों की लकीरों में ये ऐब छुपा है
में जिस शख्श को छु लू वो मेरा नहीं रहता

taqdir Shayari , शायरी , Mere Hathoon Ki Lakeeron Main
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तेरा ही दर्द

कैद था दिल में तेरा ही दर्द ता-उम्र के लिए
मर रही थी हर आरज़ू दर्द के इस सफर में

Dard Shayari , शायरी , Qaid tha dil mein tera hi dard
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पहली मुलाकात

पहली मुलाकात थी और दोनों ही बेबस थे
वो अपनी जुल्फों को न संभाल  पाये और हम खुद को

Pehli Mulaqaat Shayari , शायरी , Wo Zulfain Na Sambhal Paye
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इक निगाह से कत्ल 

तुम्हारी इक निगाह से कत्ल  होते है लोग
एक नज़र हम को भी देख लो तुम बिन जिंदगी अच्छी नहीं लगती

Qatal Shayari , शायरी ,Tumhari ek nigaah se qatal hotay haiN log FARAZ
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