SaQi
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एक दिल ही था वो भी उस के पास था

    साक़ी तेरी शराब कुछ भी नहीं उस की आँखों के सामने “साक़ी “ वो जो देख ले एक नज़र तो पीने की हसरत…

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BEWAFA ka ilzam
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खुद ही तो की थी उसने मुहब्बत की इब्तदा – एक बेवफा

    हमे बेवफा का इल्जाम दे गया ज़िंदा थे जिसकी आस पर वो भी रुला गया बंधन वफ़ा के तोड़ के सारे चला गया…

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Kahani
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फिर एक बेवफा की कहानी याद आई – Love Break up Shayari

बेवफा की कहानी बरसात की भीगी रातों में फिर उनकी याद आई कुछ अपने जमाना याद आया कुछ उनकी जवानी याद आई फिर यादों के…

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